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Tuesday, June 12, 2012

अर्थव्यवस्था का उखड़ता प्लास्टर, बेरंग होती दीवारें कैसे ढकेंगे प्रणब दा ?

            एक गुलाबी काग़ज़..कुछ सितारे..कुछ रंग बिरंगी तितलियां..परियों वाले दो पोस्टर..और कुछ कल्पनाएं..। भाई ...मेरा रूम तो सज गया ..। बजट कम था, लेकिन इतना तो हो ही गया, कि दीवारों की बेरंगी छिप गई..। काश...अर्थव्यवस्था की दीवारों का उधड़ता प्लास्टर छिपाना भी इतना ही आसान होता..। औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 5.3 से घट कर 0.1 प्रतिशत..!! शोर मचा...तो सरकार ने कहा, कि विकास नहीं रुका है, बस...विकास की वृद्धि दर गिरी है..। कम से कम देश के वित्तमंत्री से तो, इससे अच्छे ही विश्लेषण की आशा थी..।
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              दरअसल ...उनका हर जवाब, यूपीए को ध्यान में रख होता है..। यूपीए से सवाल करो..तो फौरन जवाब हाज़िर..!.. लेकिन वित्तमंत्री से सवाल करो...तो मिलता है..विश्लेषण..। एस एंड पी ने जब रेटिंग गिराने की चेतावनी दी, तो इस पर वित्तमंत्री ने कहा, घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है..। भारतीय अर्थव्यवस्था, फिर से रफ्तार पकड़ेगी..। प्रणब दादा, ये बात तो आपने तब भी कही थी, जब आर्थिक विकास दर, नौ सालों के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गई थी..। न आप भारत में निवेशकों को खींच पा रहे हैं, न ग्लोबल इकॉनोमी में देश की साख बचा पा रहे हैं, न घर में.., घर वालों के हालात सुधार पा रहे हैं..। महंगाई ..अभी और बढ़नी है,..हालांकि कच्चे तेल के दाम गिरे हैं..।
                 लेकिन ये सारे सवाल...कुछ ही घंटों में देश के ज़हन से उतर भी गए..। एक चैनल पर रामदेव, चैरिटी पर लगे टैक्स पर सवाल उठा रहे थे..दूसरे पर अटरली बटरली डिलीशियल गर्ल का 50वां जन्मदिन मनाया जा रहा था..। और बाकि बचे सारे चैनलों पर, ममता और मुलायम छाए हुए थे..। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को ले कर, सियासी जोड़-तोड़ पर बहसें चल रही थीं..। खैर...वो भी ज़रूरी ही था..।
                लो जी...आज फिर लाइट चली गई ...!...बड़ी देर से मोहल्ले के ट्रांस्फार्मर से स्पार्किंग हो रही थी..। लगता है ... फुंक गया फिर से..। ये भी ज़्यादा लोड ले नहीं पाता..। ठीक हमारी अर्थव्यवस्था की तरह..!...बाहर लोगों की चहल कदमी की आवाज़ें सुनाई देने लगी हैं..। रात के 01.30 बज रहे हैं..। पता नहीं..कब इलेक्ट्रिशियन आएगा..और कब लाइट आएगी..। लेकिन यहां इतनी तसल्ली तो है ही,, कि इलेक्ट्रिशियन आएगा..तो सब ठीक कर देगा..। अर्थव्यवस्था से जो चेतावनियों की स्पार्किंग हो रही है, फ्यूज़ उड़ने से क्या रोक पाएंगे प्रणब दा..?

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