ऐ ज़िन्दगी..ज़रा सांस ले..अभी सांझ है..थोड़ी देर रुक..
मैं ज़रा सुकून से देख लूं.....तूने क्या दिया..मैंने क्या लिया..
मेरे आइने में दरार थी, वो जो टूटा.. मेरा ही अक्स था..
टुकड़ों ही में, मैं बंटा रहा, थोड़ा मरा..थोड़ा जिया..
ऐ ज़िन्दगी..ज़रा सांस ले...
पानी पे एक लकीर थी..मेरे इश्क की तक़दीर थी..
मैं डूबता -तरता रहा...प्यासा मरा..प्यासा जिया...
ऐ ज़िन्दगी..ज़रा सांस ले...
आधी -अधूरी किताब है...आंखों में थोड़े से ख्वाब हैं..
दर-दर पे उनके लिये फिरा, आधा मरा...आधा जिया...
ऐ ज़िन्दगी...ज़रा सांस ले....
जूगनूं सा हाथों में बंद था, थी स्याह जब..वो ही संग था..
जलता रहा -बुझता रहा, सुबहा तलक...मेरा दिया..
ऐ ज़िन्दगी..ज़रा सांस ले....
मीलों चला मैं बेसबब, ना मुकाम था..ना ही रास्ता..
छाले ही छाले हैं पांव में...चलता रहा...चलता रहा...
ऐ ज़िन्दगी ...ज़रा सांस ले...

मैं ज़रा सुकून से देख लूं.....तूने क्या दिया..मैंने क्या लिया..
मेरे आइने में दरार थी, वो जो टूटा.. मेरा ही अक्स था..
टुकड़ों ही में, मैं बंटा रहा, थोड़ा मरा..थोड़ा जिया..
ऐ ज़िन्दगी..ज़रा सांस ले...
पानी पे एक लकीर थी..मेरे इश्क की तक़दीर थी..
मैं डूबता -तरता रहा...प्यासा मरा..प्यासा जिया...
ऐ ज़िन्दगी..ज़रा सांस ले...
आधी -अधूरी किताब है...आंखों में थोड़े से ख्वाब हैं..
दर-दर पे उनके लिये फिरा, आधा मरा...आधा जिया...
ऐ ज़िन्दगी...ज़रा सांस ले....
जूगनूं सा हाथों में बंद था, थी स्याह जब..वो ही संग था..
जलता रहा -बुझता रहा, सुबहा तलक...मेरा दिया..
ऐ ज़िन्दगी..ज़रा सांस ले....
मीलों चला मैं बेसबब, ना मुकाम था..ना ही रास्ता..
छाले ही छाले हैं पांव में...चलता रहा...चलता रहा...
ऐ ज़िन्दगी ...ज़रा सांस ले...






